Tuesday, June 28, 2022

छत्तीसगढ़ सामान्य परिचय | chhattisgarh general knowledge

छत्तीसगढ़ सामान्य परिचय | सांस्कृतिक | ऐतिहासिक | आर्थिक | प्राकृतिक 

राज्य सांस्कृतिक विविधता , ऐतिहासिक विरासत और आकर्षक प्राकृतिक विविधता से परिपूर्ण है। देश के सबसे बड़े झरने से लेकर गुफाओं, हरे भरे जंगलों, ऐतिहासिक स्मारकों, दुर्लभ वन्य जीवन, आकर्षक मंदिरों, बौद्ध स्थलों और सुन्दर पहाड़ियों का घर। छत्तीसगढ़ प्रकृति पसंद लोगों का आकर्षण का केंद्र बन गया है जो अद्वितीय आदिवासी कला, शिल्प और परंपराओं का अनुभव करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ एक पर्यटक को सब कुछ अनुभव कराता है - कला और शिल्पकला, ऐतिहासिक विरासत,वास्तुकला ,पारम्परिक व्यंजन, मेले और त्योहार। छत्तीसगढ़ दो महान भारतीय महाकाव्यों, रामायण और महाभारत का हिस्सा बनने वाली कई कहानियों में शामिल है। छत्तीसगढ़ में देवी-देवताओं की प्राचीन और आधुनिक दोनों तरह के कई मंदिर हैं, जो वर्ष भर भक्तों, तीर्थयात्रियों और यात्रियों को आकर्षित करते हैं। चित्रकोट में प्रतिवर्ष चित्रकोट महोत्सव मनाया जाता है।
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पर्यटन :-

छत्तीसगढ़ देश का हृदय प्रदेश है एवं प्राकृतिक विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है। बस्तर अपनी अद्वितीय पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है. जगदलपुर के निकट कांगेर घटी क्षेत्र में, तीरथगढ़ जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा जलप्रपात है दूसरी ओर भारत के नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध देश का सबसे चित्रकूट जलप्रपात बस्तर जिले में जगदलपुर से ४० कि.मी. की दुरी पर स्थित है |
अन्य महत्वपूर्ण स्थलों में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, केशकाल घाटी, कुटूमसर गुफाओं और कैलाश गुफाओं, आदि है जो पर्यटकों को आकर्षित करते है |

अर्थव्यवस्था :-

छत्तीसगढ़ की अर्तव्यवस्था मुख्यतः कृषि एवं उद्योग (उर्जा एवं इस्पात) आधारित है विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ का आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदला है |
छत्तीसगढ़ भारत के खनिज समृद्ध राज्यों में से एक है। यहाँ पर चूना- पत्थर, लौह अयस्क, तांबा, फ़ॉस्फेट, मैंगनीज़, बॉक्साइट, कोयला, एसबेस्टॅस और अभ्रक के उल्लेखनीय भंडार हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र भारत के बड़े इस्पात संयंत्रों में से एक है |

संस्कृति :-

छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध है छत्तीसगढ़ में विभिन्न लोकनृत्य जैसे पंथी, सुआ,राउत नाच आदि प्रचलित है साथ ही कई आदिवासी समूहों के बीच करमा,गौर ,सरहुल आदि लोकनृत्य प्रसिद्ध |
छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक,पुरातात्विक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है राज्य के प्रमुख स्थलों में भोरमदेव, सिरपुर , राजिम बारसूर , तीरथगढ़ एवं चित्रकूट जलप्रपात आदि है |

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत के परिचायक कुलेश्वर मंदिर राजिम, शिव मंदिर चन्दखुरी, सिद्धेश्वर मंदिर पलारी, आनंद प्रभु कुटी विहार और स्वास्तिक बिहार सिरपुर, जगन्नाथ मंदिर खल्लारी, भोरमदेव मंदिर कवर्धा, बत्तीसा मंदिर बारसूर और महामाया मंदिर रतनपुर सहित पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण 58 स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया हैं।

परिवहन :-

छत्तीसगढ़ में परिवहन हेतु सड़क, रेलमार्ग एवं वायुमार्ग की सुविधा उपलब्ध है |

सड़क मार्ग: छत्तीसगढ़ में सड़कों की कुल लंबाई 45,988 है जिसमे राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई (2,184 किमी), राज्य राजमार्ग (3611 किमी), जिला सड़कें (8031 किमी) और ग्रामीण सड़कों (27,566 किमी) शामिल है |

रेलवे: छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहरों रेल मार्ग के माध्यम से जुड़े हुए हैं बिलासपुर में देश का 16 वां रेलवे जोन स्थापित किया गया है यहाँ के प्रमुख शहर बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव आदि रेल मार्ग के द्वारा भारत के सभी प्रमुख शहरों के साथ जुड़े हुए हैं |

वायुमार्ग: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एअरपोर्ट से भारत के महत्वपूर्ण शहरों के लिए नियमित उड़ान सेवा उपलब्ध है |

छत्तीसगढ़ 135,194 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के साथ भारत का दसवां बड़ा राज्य है छत्तीसगढ़ राज्य की जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है इस प्रकार जनसँख्या की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश का सोलहवां सबसे बड़ा राज्य है छत्तीसगढ़ के लोगों की मूल भाषा छत्तीसगढ़ी है. वर्तमान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश राज्य से अलग होकर 01 नवंबर में 2000 को अस्तित्व में आया |

छत्तीसगढ़, विद्युत् तथा स्टील के उतपादन की दृष्टि भारत का महत्वपूर्ण केंद्र है भारत में उत्पादित कुल इस्पात का लगभग 15% छत्तीसगढ़ में होता है : छत्तीसगढ़ राज्य की सीमायें सात राज्यों अर्थात मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, झारखंड और उत्तर प्रदेश से छूती है |

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर है जो कि मुख्यतः व्यापार, अर्थव्यवस्था, और प्रशासन का केंद्र है. छत्तीसगढ़ी राज्य में मूल रूप से प्रचलित है किन्तु प्रमुख रूप से हिन्दी ही प्रयोग होती है छत्तीसगढ़ धान का कटोरा (चावल का कटोरा अर्थ) के नाम से भी प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ राज्य की सीमायें उत्तर पश्चिम में मध्यप्रदेश, पश्चिम में महाराष्ट्र, दक्षिण में आंध्र प्रदेश, पूर्व में उड़ीसा, उत्तर पूर्व में झारखण्ड और उत्तर में उत्तर प्रदेश को छूती है |


Wednesday, March 30, 2022

छत्तीसगढ़ के पर्व एवं त्यौहार | festivals of chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पर्व एवं त्यौहार |festivals of chhattisgarh

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रामनवमी – चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी के दिन भगवान श्री राम जी के जन्म दिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लोगविवाह के लिए बहुत शुभ मानते है । इस दिन जवारा एवं ज्योति कलश विसर्जन किया जाता है ।

अक्षय तृतीया (अक्ति ) – इस पर्व के दौरान पुतली एवं पुतले का विवाह किया जाता है एवं अक्ति पर्व मनाया जाता है ।  इस दौरान छत्तीसगढ़ में विवाह का माहौल बहुत ज्यादा रहता है ।

बीज बोहानी– कोरवा जनजाति द्वारा बीज बोने से पूर्व यह उत्सव मनाया जाता है।

रथयात्रा -इस पर्व को मनाने के पीछे कुछ मान्यताएं है कि भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा नें भगवान जगन्नाथ जी से द्वारका दर्शन करने की इच्छा जाहिर की जिसके फलस्वरूप भगवान ने सुभद्रा को रथ से भ्रमण करवाया तब से हर वर्ष इसी दिन जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है

गोंचा– बस्तर में प्रसिद्ध रथयात्रा को गोंचा कहा जाता है । यह बस्तर का महत्वपूर्ण आयोजन है तथा जगदलपुर में आयोजित किया जाता है ।

हरेली– मुख्य रूप से किसानों का पर्व है इस दिन सभी कृषि एवं लौह उपकरणों की पूजा की जाती है । यह त्यौहार छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम पर्व के रूप में मनाया जाता है । इस दिन बांस की गेंड़ी बनाकर बच्चे घूमते हैं ।

नाग पंचमी – इस पर्व के अवसर पर दलहा पहाड़ ( जांजगीर – चांपा ) में मेला आयोजित किया जाता है । नागपंचमी के अवसर पर कुश्ती खेल आयोजित की जाती है ।

रक्षाबंधन - यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है। इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बंधन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं।

भोजली– रक्षाबंधन के दूसरे दिन भाद्र मास की प्रतिप्रदा को यह पर्व मनाया जाता है , इस दिन लगभग एक सप्ताह पूर्व से बोये गये गेहूं , चावल आदि के पौधे रूपी भोजली को विसर्जित किया जाता है । यह मूलतः मित्रता का पर्व है इस अवसर पर भोजली का आदान – प्रदान होता है । जहाँ भोजली के गीत गाए जाते हैं । “ओ देवी गंगा , लहर तुरंगा” भोजली का प्रसिद्ध गीत है ।

हलषष्ठी ( कमरछठ ) – भागमास की कृष्ण षष्ठी को मनाया जाता है । इस पर्व में महिलाएँ भूमि पर कुंड बनाकर शिव – पार्वती की पूजा करती हैं और अपने पुत्र की लंबी आयु की कामना करती हैं।

जन्माष्टमी - श्री कृष्ण जी के जन्मदिन को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है इस दिन गावों में मटका तोड़ने व दही लूटने का कार्यक्रम होता है। 

पोला– भाद्र अमावस्या के दिन गाँवों में बैलों को सजाकर बैल दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है । बच्चे मिट्टी के बैल से खेलते हैं ।

अरवा तीज– इस दिन आम की डलियों का मंडप बनाया जाता है । विवाह का स्वरूप लिए हुए यह उत्सव वैसाख माह में अविवाहित लड़कियों द्वारा मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी -गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है।

नवखाना – यह त्यौहार छत्तीसगढ़ में भादों माह के उज्ज्वल पखवाड़े या अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सितंबर के महीने में मनाया जाता है । इस दिन गोंड अपने पूर्वजों को नए अनाज और शराब चढ़ाते हैं । त्योहारों के उत्सव विभिन्न जिलों में अलग – अलग रूप लेते हैं । जिले के कोंडागांव तहसील में , बुद्ध देव की विशेष रूप से पूजा की जाती है , जबकि जगदलपुर तहसील में त्योहारों को मिठाई लेने और परिवार के सदस्यों को नए कपड़े देने के द्वारा मनाया जाता है ।

पितर पक्ष -पितृ पक्ष हिंदू कैलेंडर में 16-चंद्र दिन की अवधि है जब हिंदू अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, खासकर भोजन प्रसाद के माध्यम से।

नवरात्रि– चैत्र व अश्विन दोनों माह में माँ दुर्गा की उपासन का यह पर्व 9 दिन मनाया जाता है । अंचल के दंतेश्वरी , बम्लेश्वरी , महामाया, मनकादाई आदि शक्तिपीठों पर विशेष पूजन होता है । अश्विन नवराति में माँ दुर्गा की आकर्षक एवं भव्य प्रतिमाएँ भी स्थापित की जाती है

दशहरा – ये छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहार है। इसे राम को विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है । इस अवसर पर शस्त्र पूजन और दशहरा मिलन होता है । बस्तर क्षेत्र में यह देतेश्वरी की पूजा का पर्व है ।

बस्तर का दशहरा – बस्तर में दशहरा देवी दंतेश्वरी की पूजा से संबंधित है । इस अवसर पर रथ यात्रा आयोजित होती है । दशहरा उत्सव का आरंभ काकतीय नरेश पुरुषोत्तम देव ने किया । दशहरा उत्सव का आरंभ क्वार अमावस्या को काछन गुड़ी से होता है । माओली मंदिर में कलश स्थापना , जोगी बिठाना , रथ – यात्रा , कुंवारी पूजा , गोंचा , मुड़िया दरबार , देवी विदाई आदि दशहरा पर्व के विभिन्न चरण हैं । दंतेश्वरी माँ की प्रतिमा को पालकी में बिठाकर बाहर निकालने का अनुष्ठान उत्सव का महत्वपूर्ण पक्ष होता है । रथ खींचने का कार्य दंडामी माड़िया व धुरवा आदिवासी करते हैं। गोंड इस अवसर पर भवानी माता की पूजा करते हैं । गाँव की रक्षा के लिए भूमिया आदिवासी इस अवसर पर गामसेन देव की पूजा करते हैं ।

देवारी - छत्तीसगढ़ में दीपावली के त्यौहार को देवारी के नाम से जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में दीपावली को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता हैं।

गोवर्धन पूजा – कार्तिक माह में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है । यह पूजा गोधन की समृद्धि की कामना में की जाती है इस अवसर पर गोबर की विभिन्न आकृतियाँ बनाकर उसे पशुओ के खुरों से कुचलवाया जाता है ।

मातर – यह छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में दीपावली के तीसरे दिन मनाया जाने वाला एक मुख्य त्योहार है । मातर या मातृ पूजा कुल देवता की पूजा का त्योहार है । यहां के आदिवासी एवं यादव समुदाय के लोग इसे मानते है । ये लोग लकड़ी के बने अपने कुल देवता खोड़ हर देव की पूजा अर्चना करते है । राउत लोगो द्वारा इस अवसर पर पारम्परिक वेश भूषा में रंग- बिरंगे परिधानों में लाठियां लेकर नृत्य किया जाता है ।

दियारी - यह बस्तर के निवासियों द्वारा मनाई जाने वाली दीपावली है। इसकी कोई निश्चित तिथि नहीं होती बल्कि ग्राम प्रमुखों द्वारा बैठक करके तिथि निर्धारित की जाती है। पहले दिन ग्रामीण अपने गाय-बैलों को गेठा बांधते हैं  तथा नाच-गाकर अपना उत्साह प्रकट करते हैं। दोपहर में गाय-बैलों की पूजा कर खिचड़ी खिलाई जाती है।

भाई दूज -यह दीपावली के दो दिन बाद आने वाला ऐसा पर्व है, जो भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई की खुशहाली के लिए कामना करती हैं।

जेठवनी – इस पर्व में तुलसी विवाह के दिन तुलसी की पूजा की जाती है। इस दिन गन्ने की पूजा की जाती है। और गन्ने और कांदा का भोग किया जाता है।

मकर संक्रांति - इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। यह दिन बड़ा पावन माना जाता है क्योंकि इस दिन से खरमास का अंत होता है, जिससे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन तिल का लड्डू बनाया खाया जाता है तथा पतंग उड़ाने की परंपरा है। 

छेरछेरा – छेरछेरा त्यौहार पौष माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है । यह पूस – पुन्नी के नाम से भी जाना जाता है । इस अवसर पर बच्चे नई फसल के धान माँगने के लिए घर – घर दस्तक देते है । उल्लासपूर्वक लोगों के घर जाकर ‘ छेरछेरा- कोठी के धान लाकर हेरा ‘ कहकर धान माँगते हैं । जिसका अर्थ है अपने भंडार में निकाल कर हमें दो । इसी दिन महिलाएँ अंचल का प्रसिद्ध सुवा नृत्य ‘ भी करती हैं। और पुरूष डंडा नृत्य करते है।

महाशिवरात्रि - महा शिवरात्रि एक हिंदू त्योहार है जो हर साल भगवान शिव के सम्मान में मनाया जाता है। नाम उस रात को भी संदर्भित करता है जब शिव तांडव नामक स्वर्गीय नृत्य करते हैं ।

माटी पूजा – माटी पूजा या ‘ पृथ्वी की पूजा छत्तीसगढ़ राज्य में महत्वपूर्ण महत्व का त्योहार है जहां लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है । इस त्यौहार के दौरान बस्तर जिले के आदिवासी लोग अगले सीजन के लिए फसलों की भरपूर पैदावार के लिए पृथ्वी की पूजा करते हैं । धार्मिक संस्कार और परंपराएं भी उनके द्वारा अत्यंत श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाई जाती हैं ।


Tuesday, March 08, 2022

पटवारी भर्ती | cgvyapam patwari online form 2022 Details

पटवारी भर्ती 2022| CGVYAPAM ONLINE FORM 2022 Details | patwari recruitment CG|301 posts| apply online

संक्षिप्त जानकारी :-

Chattisgath Professional Examination Board (CGPEB) ने पटवारी के रिक्त पदों के भर्ती लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने जा रहा है। CGVYAPAM पटवारी में ऐसे आवेदकों जो सभी आवश्यक शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंड रखते हैं वे इन 301 रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं । आवेदन करने की अंतिम तिथि 22/03/2022 है।
cgvyapam patwari

CGVYAPAM ONLINE FORM 2022 Details :-

JOB BOARD-राजस्व विभाग 

POST NAME:-पटवारी 

TOTAL POST:-301 पद

APPLICATION MODE :- ऑनलाइन

FEES MODE:-ऑनलाइन (जनरल 350  और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए- 250  रुपये ,एससी, एसटी के लिए- 200 रुपये)

EXAM LEVEL :-राज्य स्तरीय

LOCATION :-छत्तीसगढ़

STARTING DATE :-04/03/2022

CLOSING DATE :- 22/03/2022

OFFICIAL WEBSITE :-https://vyapam.cgstate.gov.in/

पटवारी  भर्ती पदों के लिए पात्रता मानदंड :-

शैक्षणिक योग्यता :-

 12TH,COMPUTER DIPLOMA,TYPING SPEED

पूर्ण शैक्षणिक योग्यता के लिए विज्ञापन देखें।

आयु सीमा :-

18 से 40 साल 

आयु सीमा और छूट के लिए अधिसूचना देखें।

चयन प्रक्रिया :-

पटवारी रिक्ति के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा ,कौशल परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन आयोजित किया जाएगा।

OFFICIAL NOTIFICATION :- CLICK HERE

APPLY ONLINE :-CLICK HERE


Sunday, December 05, 2021

छत्तीसगढ़ के प्रमुख पुरुस्कार एवं सम्मान | cg rajya alankaran puruskar

छत्तीसगढ़ के प्रमुख पुरुस्कार एवं सम्मान | छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरुस्कार | Major Awards and Honors of Chhattisgarh |

छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष व उत्कृष्ट कार्य के प्रदर्शन के लिए एवं राज्य के विकास में अपना योगदान देने के लिये राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा इन पुरुस्कारों के लिए प्रतिवर्ष आवेदन आमंत्रित किया जाता है।  
cg pramukh puruskar

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रमुख पुरुस्कार एवं सम्मान :-

  • चक्रधर सम्मान - यह संगीत एवं कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - किशोरी अमोनकर
  • मिनीमाता सम्मान -महिला उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - श्रीमती बिन्नी बाई
  • शहीद वीरनारायण सिंह सम्मान -छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी सामाजिक चेतना जागृत करने तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति को पुरस्कृत किया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - आदिवासी शिक्षण समिति पाड़ीमल
  • गुण्डाधुर सम्मान - खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - आशीष अरोरा
  • दाऊ मंदराजी सम्मान -छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • चंदूलाल चंद्राकर सम्मान - पत्रकरिता (प्रिंट मीडिया हिन्दी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - सुश्री आरती धर
  • मधुकर खेर - पत्रकरिता (प्रिंट मीडिया अंग्रेज़ी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • गुरू घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान पुरस्कार - छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक चेतना जागृत करने तथा अनुसूचित जाति वर्गो के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले व्यक्ति एवं स्वैच्छिक संस्थाओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने के लिये प्रदेश के महान संत गुरूघासीदास की स्मृति में सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - डॉ. रत्नलाल जांगड़े एवं राजमहंत जगतु सोनकर
  • स्व0 डाॅ0 भंवर सिंह पोर्ते स्मृति आदिवासी सेवा सम्मान पुरस्कार -छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासियों की सेवा करने और उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले किसी एक संस्था को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाता है।
  • खूबचंद बघेल सम्मान - कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - श्रीकान्त गोवर्धन
  • पं रविशंकर शुक्ल सम्मान - सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - श्री केयूर भूषण 
  • पं सुंदरलाल शर्मा सम्मान - आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता -श्री विनोद कुमार शुक्ल
  • यतियतन लाल सम्मान - अहिंसा एवं गौ सेवा के क्षेत्र में क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - रमेश याज्ञिक एवं हरिप्रसाद सिंह 
  • ठा. प्यारेलाल सिंह सम्मान - सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - प्रीतपाल बेलचंदन और बृजभूषण देवांगन 
  • बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान -विधि एवं विधायी विभाग द्वारा विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु दिया जाता है।
  • हाजी हसन अली - उर्दू भाषा की सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - सैमुएल डेनियल 
  • महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान - तीरंदाजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - अरविन्द सोनी व ठेकलाल
  • महाराजा अग्रसेन सम्मान - सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - कुष्ठ निवारण संघ चांपा 
  • दानवीर भामाशाह सम्मान - दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। प्रथम पुरुस्कार प्राप्तकर्ता - बिलासपुर सेवा भारती
  • भगवान धन्वंतरि सम्मान - आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जाता है। 
  • बिलासा बाई केंवटीन सम्मान - मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • संस्कृत भाषा सम्मान - संस्कृत भाषा के प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव सम्मान -श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसी व्यक्ति या संस्था को श्रम विभाग द्वारा स्व0 महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रतिवर्ष दिया जाता है।
  • पं. माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान -हिंदी भाषा के विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार - प्रदर्शनकारी लोककला क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार -ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • बिसाहूदास महंत पुरस्कार - ग्रामोद्योग विभाग द्वारा बुनकर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है। 
  • पंडित लखन लाल मिश्र सम्मान -गृह (पुलिस) विभाग द्वारा अपराध अनुसंधान क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • किशोर साहू सम्मान - हिन्दी-छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा, निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।
  • छ.ग. अप्रवासी भारतीय पुरुस्कार -विदेशों में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जाता है। 
  • शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार ,शहीद कौशल यादव पुरस्कार ,वीर हनुमान सिंह पुरस्कार,शहीद विनोद चौबे सम्मान,शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार - खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।

Wednesday, September 29, 2021

CSPHCL डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती 2021 |CSPHCL DATA ENTRY OPERATOR VACANCY

डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती 2021| CSPHCL ONLINE FORM 2021 Details | CSPHCL recruitment CG|400 posts| apply online

संक्षिप्त जानकारी :-

CSPHCL ने डाटा एंट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों के भर्ती लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने जा रहा है। CSPHCL में ऐसे आवेदकों जो सभी आवश्यक शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंड रखते हैं वे इन 400 रिक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं । आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2021 है।

CSPHCL DATA ENTRY OPERATOR VACANCY

CSPHCL ONLINE FORM 2021 Details :-

JOB BOARD-छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कम्पनीज

POST NAME:-डाटा एंट्री ऑपरेटर

TOTAL POST:-400 पद

APPLICATION MODE :- ऑनलाइन

FEES MODE:-ऑनलाइन (जनरल और ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए- 700 रुपये ,एससी, एसटी के लिए- 500 रुपये)

EXAM LEVEL :-राज्य स्तरीय

LOCATION :-छत्तीसगढ़

STARTING DATE :-29 सितम्बर 2021

CLOSING DATE :- 28 अक्टूबर 2021

OFFICIAL WEBSITE :-https://www.cspdcl.co.in/
डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती पदों के लिए पात्रता मानदंड :-

शैक्षणिक योग्यता :-

 DEGREE,DIPLOMA,TYPING SPEED

पूर्ण शैक्षणिक योग्यता के लिए विज्ञापन देखें।

आयु सीमा :-

18 से 40 साल (GEN)
(ST,SC,PwD को 5 वर्ष की छूट ) (1 जनवरी 2021 की स्थिति में )

आयु सीमा और छूट के लिए अधिसूचना देखें।

चयन प्रक्रिया :-

CSPHCL रिक्ति के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के चयन के लिए लिखित परीक्षा [CBT] ,कौशल परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन आयोजित किया जाएगा।

OFFICIAL NOTIFICATION :- CLICK HERE

Friday, September 24, 2021

laxman temple sirpur, chhattisgarh| सिरपुर लक्ष्मण मंदिर

सिरपुर लक्ष्मण मंदिर | लक्ष्मण मंदिर का इतिहास |  कैसे पहुंचे | sirpur tourism place 

सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला की समृद्ध पृष्ठभूमि है। पुरातात्विक अवशेष आज भी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं। सिरपुर में स्थित बुद्ध विहार [बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थान ] नालंदा से भी पुराने हैं। प्राचीन अभिलेखीय अभिलेखों में सिरपुर शहर का उल्लेख है। सिरपुर एक छोटा सा शहर है, जो राजधानी रायपुर से 83 किमी दूर, उत्तर-पूर्व में बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के पास है।

Thursday, September 23, 2021

hit cg movies and songs information | छत्तीसगढ़ी मूवी और गाना

HIT CG MOVIES AND SONGS | LATEST CG SONGS |CG HIT MOVIES 2021 |CHHATTISGARHI GANA|JASGEET|GAURA GAURI GEET

आज हम हिट छत्तीसगढ़ी मूवी और गाना की जानकारी लेकर आये है। ऐसे फिल्म और गाने जिन्हे छत्तीसगढ़ के दर्शकों ने बहुत कम समय में अधिक पसंद किया तथा सोशल मीडिया जैसे यूट्यूब ,फेसबुक आदि पर छाया रहा। 

hit cg movies

HIT CG MOVIES AND SONGS:-

अगर आप इंटरनेट पर फ्री में छत्तीसगढ़ी मूवी और गाना डाउनलोड करना चाहते है और लिंक की तलाश में है तो अपना समय बर्बाद कर रहे है। रिलीज़ के साथ ही छत्तीसगढ़ी मूवी देखने व सुनने के लिए आप सिनेमाघर जा सकते है  बाद में देखना चाहते है तो आपको यूट्यूब पर ऑफिसियल चैनल में देखने को मिल जायेगा। सभी छत्तीसगढ़ी गाने भी यूट्यूब पर अपलोड है।  

TYPES OF CG SONG :- 

छत्तीसगढ़ी फिल्म सांग,गौरा गौरी गीत ,देवारी गीत ,होली गीत ,सुआ गीत ,राउत नाचा ,जसगीत ,भजन ,रिलो गीत।

HIT CG MOVIES LIST :-

  • HAS JHAN PAGLI FAS JABE (2019)
  • MOR CHHAINHA BHUINYA (2000)
  • LAILA TIP TOP CHHAILA ANGUTHA CHHAP (CHHATTISGARHI) (2012)
  • SUPER HERO BHAISA (2019)
  • MAHU KUNWARA TAHU KUNWARI (2019)
  • MOR MANN KE BHARAM (2015)
  • MAYAA
  • HAMAR FAMILY NO. 1 (2018)
  • TAHI MOR JINGI TAHI MOR JAAN
  • TOORA RICKSHAW WALA (2010)
  • I LOVE YOU
  • DABANG DAROGA
  • PREM K BANDHNA
  • MOHNI
  • MITAAN 420
  • TIJA K LUGRA
  • DABANG DAROGA
  • MAYA DEDE MAYARU
  • RAJA CHHATTISGARHIYA
  • MAYARU GANGAA
  • MAHU DIWANA TAHU DIWANI
  • BA FIRST YEAR
  • BA SECOND YEAR
  • BHANWAR
  • MAYA DEDE MAYA LELE
  • RADHE ANGUTHA CHHAP
  • HERO NO. 1
  • TOR MAYA MA JADU HE

HIT CG SONGS LIST :-

  • KHUNUR KHUNUR
  • BHOLI SURATIYA 
  • KANIHA MA KARDHAN
  • MITH MITH LAAGE
  • HAMAR PARA TUHAR PARA
  • RAIGARH RAJA 
  • DABA BALLU
  • KOCHAI PAAN
  • CHHAILA BABU AAHI
  • PHOOL JHARE HASI MOTI
  • CHHUNUR CHHUNUR PAIRI BAAJE
  • DHOKHA KAHU DENA RIHIS TA 
  • NA DHARTI ME HE KONO
  • IKRAR HOGE NE
  • TURA AABE RE
  • JAB LE DEKHEW TOLA
  • GORI GORI GAL
  • KA TE RUP NIKHARE CHANDENI
  • HAY RE KOCHAI PAN
  • TOR BAR MOR DIL BEQRAR
  • HAY MOR CHANDINI
  • TAY HOTE RANI TA RAJA MAIN HOTE
  • O JANEMAN O DILRUBA
  • HAY TOR KASAM
  • TOR CHEHRA PUNI KE
  • HAY TOR BINDIYA
  • TOLA PYAAR HOGE RE
  • MAYA HOGE RE
  • MOR SANSAAR
  • TOR SURTA
  • NAINA KE KAJRA
  • MOR MANN
  • NIK LAAGE
  • DHEERE DHEERE
  • JAADU KARE JODIDAAR
  • SUN LE RE
  • DEEWANAA
  • NA DHARTI MA HE KONO
  • CHHUNUR CHHUNUR PAIRI BAJE RE
  • GORA BADAN MA LALI CHUNARIYA
  • TOR PAVN MA KATA GAD JAHI
  • MAIN HOGE DEEWANI RE