Thursday, March 04, 2021

maa bamleshwari temple dongargarh | माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़

maa bamleshwari temple dongargarh | माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ | माँ बमलाई मंदिर डोंगरगढ़ राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ के राजनाँदगाँव जिले में स्थित है डोंगरगढ़ तथा माँ बम्लेश्वरी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है । यह मंदिर राजनांदगांव जिले से लगभग 35 किमी पश्चिम में स्थित है व दुर्ग से 67 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है । राजसी पहाड़ों और तालाबों के साथ, डोंगरगढ़ शब्द से लिया गया है: डोंगरगढ़ का मतलब ‘पहाड़’ और गढ़ अर्थ ‘किला’ है। 1,600 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित माँ बमलेश्वरी देवी मंदिर, एक प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है। इस मंदिर के साथ कई कहानियां व मान्यताएं जुडी हुई है। वैसे तो साल भर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान इन मंदिरों में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़
image source-rajnandgaon.nic.in

मंदिर का इतिहास :-

लगभग 2200 साल पहले, डोंगरगढ़ एक काफी पुनर्निर्मित क्षेत्र था जिसका नाम कामवती था जो महाराजा वीरसेन द्वारा शासित था। जब उनकी रानी ने एक बेटे को जन्म दिया तो उन्होंने उसका नाम मदनसेन रखा। चूंकि राजा वीरसेन ने इसे भगवान शिव और पार्वती का आशीर्वाद माना था, इसलिए उन्होंने डोंगरगढ़ में श्री बमलेश्वरी मंदिर का निर्माण किया। अब राजा मदनसेन के कामसेन नाम का एक पुत्र था, जिसके कारण यह क्षेत्र प्रसिद्ध हो गया और कामाख्या नगरी के नाम से जाना जाने लगा।

माँ बम्लेश्वरी को छत्तीसगढ़ी में माँ बमलाई के नाम से जाना जाता है नवरात्री के समय श्रद्धालु दूर दूर से पैदल यात्रा करके माता के दर्शन के लिए आते है।

रुकने की व्यवस्था :-

देश-दुनिया से आने वाले भक्तों के लिए यहां ठहरने की भी अच्छी व्यवस्था की गई है। श्री बम्लेश्वरी मंदिर समिति के माध्यम से संचालित धर्मशाला के साथ यहां निजी होटल्स भी उपलब्ध हैं।

डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी मंदिर कैसे पहुंचें :-

वायु मार्ग- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सबसे नजदीक का हवाई अड्डा है।

रेल मार्ग- हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर डोंगरगढ़ रेलवे जंक्शन है।

सड़क मार्ग- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, राजनांदगांव से नियमित बस सेवा और टैक्सियां उपल्बध होती हैं या अपने निजी वाहन से पहुंचा जा सकता है।

Saturday, January 16, 2021

चर्रे-मर्रे जलप्रपात अंतागढ़,कांकेर | charre-marre waterfall antagarh kanker

चर्रे-मर्रे जलप्रपात अंतागढ़,कांकेर|चर्रे -मर्रे जलप्रपात की खासियत | चर्रे-मर्रे जाने का सबसे अच्छा समय | कैसे पहुंचे

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जिला मुख्यालय कांकेर से 85 किलोमीटर व अंतागढ़ ब्लाक से 17 किलोमीटर दूर आमाबेड़ा के रास्ते पर जोगी नदी पर चर्रे-मर्रे जलप्रपात छत्तीसगढ़ में एक और खूबसूरत जलप्रपात है। इस झरने का मुख्य स्रोत जोगीधारा नदी है, जो मटला घाटी में बहती है जिसे स्थानीय लोगों द्वारा अंतागढ़ नदी या कुत्री नदी भी कहा जाता है। जलप्रपात का गिरता हुआ पानी अलग-अलग कुंडों के रूप में इकट्ठा होकर दक्षिण दिशा में लंबी दुरी तय कर कोटरी नदी में मिलती है। 
चर्रे-मर्रे जलप्रपात अंतागढ़,कांकेर |charre-marre waterfall antagarh,kanker
चर्रे-मर्रे जलप्रपात

चर्रे -मर्रे जलप्रपात की खासियत :-

बस्तर के सभी जिलों में कई झरने है। जगदलपुर में चित्रकोट,तीरथगढ़ तो दंतेवाड़ा में हांदावाड़ा, फूलपाड़ जैसे बड़े झरने है। नारायणपुर जहां अपनी अबूझमाड़ियां संस्कृति के लिये विश्व भर में प्रसिद्ध है वहीं नारायणपुर प्राकृतिक दृश्यों से भी संपन्न है। नारायणपुर में कई झरने है जो आज भी पर्यटकों की नजरों से ओझल है। 

इस जलप्रपात की खासियत ये है कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ झरना पर्यटकों को साल भर आकर्षित करता है। यह झरना ज्यादा उंचा तो नही है परन्तु उबड खाबड चटटानों से नदी का गिरता पानी मनमोह लेता है। आसपास की हरितिमा नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत करती है। यह प्रमुख पिकनिक स्पॉट भी है। 

चर्रे-मर्रे जाने का सबसे अच्छा समय :-

चर्रे-मर्रे जलप्रपात को देखने के लिए सबसे अच्छा समय जुलाई से लेकर फरवरी माह तक है इस बीच में झरने में पर्याप्त पानी होता है। दोस्तों व परिवार के साथ मनोरंजन और पिकनिक के लिए यह जगह बहुत अच्छा है। 

कैसे पहुंचे :-

चर्रे-मर्रे जलप्रपात कांकेर या नारायणपुर से निजी वाहन से पहुंचा जा सकता है कांकेर से 85 किलोमीटर व अंतागढ़ ब्लाक से 17 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है यह झरना। 

Sunday, November 08, 2020

छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता संग्राहक समाज सुरक्षा योजना 2020| cg tendupatta sangrahak samaj yojna chhattisgarh

छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता संग्राहक समाज सुरक्षा योजना 2020| tendupatta sangrahak samaj yojna chhattisgarh 2020| योजना के लाभ एवं पात्रता 

छत्तीसगढ़ के वनवासियों द्वारा बीड़ी पत्ता यानी तेंदूपत्ता तोड़ कर इकट्ठा किया जाता है तथा राज्य सरकार द्वारा इसकी खरीदी की जाती है तेन्दु पत्ता संग्रहण से सम्बंधित परिवारों को सशक्त बनाने एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना लाई जा रही है। इस योजना को राज्य के वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा समन्वय से क्रियान्वयन किया जायेगा। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी के द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा की याद में इस योजना का नाम ''शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक समाज योजना'' रखा गया है। 
cg tendupatta sangrahak samaj yojna chhattisgarh 2020

इस योजना के लाभ निम्न अनुसार है :-

1 . परिवार के मुखिया की आयु 50 वर्ष से कम :-

  • तेंदूपत्ता इकट्ठा करने वाले पंजीकृत परिवारों को उनके एकमात्र मुखिया की सामान्य मृत्यु () हो जाने पर नॉमिनी को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • साथ ही किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर, 2 लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिया जायेगा।
  • जबकि किसी दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता हो जाने की स्थिति में, 2 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

2 . परिवार के मुखिया की उम्र 50 से 59 वर्ष के बीच :-

  • परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार वालों को या नॉमिनी व्यक्ति को 30,000 रुपये की आर्थिक मदद।
  • जबकि आकस्मिक मृत्यु के मामले में 75,000 रुपये आर्थिक मदद की जाएगी।
  • किसी तरह दुर्घटना में परिवार के मुखिया के स्थायी विकलांगता की स्थिति में 75,000 रुपये और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37,500 रुपये दिए जाएंगे।

इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा। जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक महीने के अंदर प्रकरणों का निराकरण करके आर्थिक सहायता अनुदान की राशि सीधे तेन्दु पत्ता संग्राहक परिवारों के बैंक खातों में प्रदान की जाएगी। जिससे प्रकरणों का निराकरण आसानी से एवं शीघ्रता से किया जा सकेगा।

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छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा शारीरिक दक्षता परीक्षा की नई तिथियां जारी | CG police new PET date announced 2021

छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा शारीरिक दक्षता परीक्षा की नई तिथियां जारी |4 जनवरी 2021 से शुरू होगी शारीरिक दक्षता परीक्षा | CG police new PET date announced 2021


छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के अंतर्गत होने वाली शारीरिक दक्षता परीक्षा पूर्व में स्थगित की गयी थी कोरोना संक्रमण के कारन तिथियां घोषित नहीं की गयी थी। शारीरिक दक्षता परीक्षा की नई तिथियां जारी की गई हैं जो कि इस प्रकार हैं। यह टेस्ट पूर्व में आवेदन किये हुए अभ्यर्थियों के लिए है। 
छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा शारीरिक दक्षता परीक्षा की नई तिथियां जारी | CG police new PET date announced 2021
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा आरक्षक संवर्ग की भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) की रेंजवार समय सारणी जारी कर दी गई है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) स्थगित की गई थी। जिसे पुनः शुरू करते हुए आगामी 4 जनवरी से शारीरिक दक्षता परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया गया है तथा 20 फरवरी 2021 तक चयन सूची जारी करने का समय निर्धारित किया गया है।
पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी द्वारा आरक्षकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा और शेष भर्ती प्रक्रिया के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रेंज पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रत्येक रेंज स्तर पर भर्ती समिति का गठन 14 नवम्बर तक किया जाएगा। शारीरिक दक्षता परीक्षा के प्रचार-प्रसार एवं उम्मीदवारों का दिवसवार चार्ट 15 दिसम्बर तक जारी किया जाएगा। जारी कार्यक्रम के अनुसार रायपुर रेंज के कुल 11 हजार 672 अभ्यर्थियों के लिए 4 जनवरी 2021 से 3 फरवरी 2021 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार दुर्ग रेंज के 21 हजार 140 अभ्यर्थियों के लिए 4 जनवरी से 6 फरवरी तक, बिलासपुर रेंज के 5 हजार 649 अभ्यर्थियों के लिए 4 जनवरी से 16 जनवरी तक, सरगुजा रेंज के 3 हजार 588 अभ्यर्थियों के लिए 4 से 12 जनवरी तक और बस्तर रेंज के 6 हजार 710 अभ्यर्थियों के लिए 4 जनवरी से 19 जनवरी 2021 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित होगी

आयुसीमा :-

अभ्यर्थी की आयु 01 जनवरी 2017 को 18 वर्ष से कम और 28 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछडा वर्ग (गैर क्रीमीलेयर) के उम्मीदवार को उच्चतर आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट प्रदान की जावेगी। बस्तर संभाग के जिलों में आरक्षक (जी.डी) के पद पर नियुक्ति हेतु स्थानीय निवासी के लिये आयु सीमा - अधिकतम 33 वर्ष (सामान्य जाति), अधिकतम 38 वर्ष (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग एवं सभी वर्ग की महिलाओं के लिये)। इसके अतिरिक्त शासन के निर्देशानुसार छ.ग. शासन कर्मचारी/भूतपूर्व सैनिक/नगर सैनिक/शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, गुण्डाधुर एवं महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को भी उच्चतर आयुसीमा में छूट प्रदान की जावेगी।

वेतनमान :-

वेतन मैट्रिक्स लेवल प्रारंभिक वेतन रू. 19500/-

शैक्षणिक अर्हता :-

10+2 प्रणाली को अंतर्गत 10वीं कक्षा अथवा हायर सेकेण्डरी अथवा समकक्ष परीक्षा छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश राज्य स्थित विद्यालय महाविद्यालय से उत्तीर्ण होना चाहिए। केिवल अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होने पर भी पात्र होंगे) प्रदेश में नक्सल पीड़ित परिवार तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों में निवासरत् परिवार से संबंधित सभी श्रेणी के उम्मीदवार 5वी कक्षा उत्तीर्ण होने पर भी पात्र होंगे। बस्तर संभाग के जिलों में आरक्षक (जी.डी) के पद पर नियुक्ति हेतु स्थानीय निवासी के लिये शैक्षणिक अर्हता 5वीं कक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिये।

छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती शारीरिक मापदंड :-
01. [ UR,SC,OBC ] पुरुष - 168 सेमी ऊंचाई , सीना – 81/86
 महिला – 158 सेमी ऊंचाई , सीना - मुक्त 

02. [ST] पुरुष - 158 सेमी ऊंचाई , सीना – 76/81
 महिला – 158 सेमी ऊंचाई , सीना - मुक्त 

शारीरिक दक्षता परीक्षा :-

प्रारंभिक नापजोख में सफल पाये गये अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य है, जिसके अंतर्गत पुरुषों के लिये 1500 मी. दौड़ 05:40 मिनट एवं महिलाओं के लिये 800 मी. दौड़ 03:20 मिनट में पूर्ण करना होगा। इसके लिए कोई अंक निर्धारित नहीं है, यह क्वालीफाईग प्रकृति का है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में असफल अभ्यर्थियों को इसी स्तर पर अनुत्तीर्ण कर दिया जावेगा और उन्हें लिखित परीक्षा में सम्मिलित नहीं किया जावेगा।


Friday, November 06, 2020

इंदिरा वन मितान योजना 2020 छत्तीसगढ़ | Indira van mitan yojna chhattisgarh

इंदिरा वन मितान योजना 2020 | इंदिरा वन मितान योजना क्या है | इंदिरा वन मितान योजना के क्या फायदे होंगे | Indira van mitan yojna 2020 | 

वनवासियों के विकास व रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक नई योजना शुरू की जा रही है जिसके तहत राज्य में वन क्षेत्रों के निवासियों के विकास के लिए कई काम किए जाएंगे। इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वन क्षेत्रों के निवासियों और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। इंदिरा वन मितान योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विश्व आदिवासी दिवस यानी 9 अगस्त 2020 को आरम्भ करने की घोषणा की।
Indira van mitan yojna chhattisgarh

इंदिरा वन मितान योजना क्या है :-

इस योजना के छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों के 10000 गांवों को शामिल किया जायेगा। इन चिन्हित गांवों के स्थानीय युवकों का समूह बनाया जायेगा जिनके द्वारा वनो की सभी आर्थिक गतिविधियों को चलाया जायेगा। इस योजना के अनुसार प्रत्येक आदिवासी तहसील में वनोपज प्रोसेसिंग सेंटर भी बनाया जायेगा हर सेंटर को बनाने में 100000 का खर्च आएगा। इसके लिए सरकार द्वारा 8 करोड़ 50 लाख का बजट प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत बने हुए समिति के पास वनोपज खरीदी से आर्थिक लाभ कमाने का मौका मिलेगा।

इस योजना से वनवासी वन्य उत्पाद जैसे महुआ,तेंदूपत्ता,हर्रा,बेहड़ा,चार,औषधीय जड़ी बूटी,फल,बीज,टोरी,सरई फूल,तेन्दु,नीम आदि स्थानीय समूहों को सीधा बेच सकते है।

इंदिरा वन मितान योजना के क्या फायदे होंगे  :-

इंदिरा वन मितान योजना से वनवासियों के जीवन में व्यापक प्रभाव पड़ेगा इसके मुख्य लाभ इस प्रकार है-
  • वनवासियों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
  • वनों से प्राप्त उत्पाद का उचित दाम मिलेगा।
  • वनोपज की खरीदी में वृद्धी।
  • वनोपज प्रोसेसिंग सेंटर की स्थापना।
  • 31 प्रकार के वन उत्पाद की खरीदी पहले यह संख्या केवल 7 थी।
  • फलदार व औषधीय पेड़ पौधे लगाए जायेंगे।

मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना 2019 | MUKHYAMANTRI HAAT BAJAR CLINIC YOJNA

मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना 2019 | MUKHYAMANTRI HAAT BAJAR CLINIC YOJNA 2019| क्या है मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना | मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के लाभ

मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना की शुरुआत माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा महात्मा गांधी के 150 वें जन्मदिन के अवसर पर 2 अक्टूबर 2019 को की गई। शासन के निर्देशानुसार गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ के ग्रामाचंल एवं सुदूर वनाँचलों के हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु उचित प्रयास कर रहा है। 
मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना 2019 | MUKHYAMANTRI HAAT BAJAR CLINIC YOJNA

राज्य में अभी भी ऐसे वन क्षेत्रों से घिरे हुए पिछड़े हुए क्षेत्र हैं जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है तथा जरुरत के सामान के लिए दूर जाना पड़ता है इस योजना के तहत ऐसे जगहों पर मोबाइल चिकित्सा यूनिट में डॉक्टर से मुफ्त सलाह तथा फ्री इलाज प्रदान किया जाएगा। 

क्या है मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना :-

ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में उपकरणों और सुविधाओं की कमी के कारण बीमारी का पता नहीं चल पाता है बीमारों के लिए समय पर बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और जटिलता के मामले में बड़े अस्पतालों में भेजा जाता है जिसमे काफी कीमती समय निकल जाता है। हर हफ्ते, ऐसे रोगी हाट बाजार क्लिनिक में फ्री स्वास्थ्य परिक्षण और उपचार सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सकेंगे। ग्रामीण इलाकों में पैथोलॉजी लैब की कमी के कारण, रोगियों को छोटे परीक्षणों के लिए शहरी क्षेत्रों में जाना पड़ता है। हाट बाजार क्लिनिक में अब रक्तचाप,शुगर,सिकलिंग, एनीमिया, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के लिए मुफ्त रक्त परीक्षण होगा। जिसके कारण लोगों को बीमारी की स्थिति में तुरंत उपचार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के लाभ :-

  • इस योजना के अंतर्गत ऐसे ग्रामीण इलाके जहां स्वास्थ्य केंद्र या हॉस्पिटल की सुविधा उपलब्ध नहीं है ऐसे जगहों पर डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की टीम भेजी जाएगी। 
  • लोगों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा। 
  • दवाइयां मुफ्त दी जाएगी। 
  • मुफ्त रक्त परीक्षण किया जायेगा। 
  • मुफ्त चेकअप की सुविधा दी जायेगी। 
  • गांव के हाट बाजार में यह सुविधा मिलेगी अतः ईलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। 
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Thursday, November 05, 2020

मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना छत्तीसगढ़ | cg mukhyamantri e-rikshaw sahayta yojna

मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना छत्तीसगढ़ | योजना की शर्ते व पात्रता | योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया | mukhyamantri e-rikshaw sahayta yojna 

मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना में राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर बनाने के लिए ई रिक्शा खरीदने के लिए 50000 तक की सहायता प्रदान करती है इस योजना का संचालन श्रम कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर ना लगाने पड़े। पहले इस योजना में सरकार द्वारा 30,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती थी परंतु अभी से बढ़ाकर 50,000 कर दिया गया है तथा पंजीयन की समय सीमा हटा दी गई है। वर्तमान में ई रिक्शा का एक तिहाई भाग श्रम विभाग द्वारा दिया जायेगा बाकि की राशि स्वयं देनी होगी। 
mukhyamantri e-rikshaw sahayta yojna

योजना की शर्ते व पात्रता :-

मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को नीचे दिए गए शर्ते व पात्रता को पूरा करना होगा। 
  • असंगठित कर्मकार राज्य सामजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत सायकल रिक्शा / ऑटो चालक।
  • श्रम विभाग में पंजीकृत होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • RTO से व्यवसायिक वाहन का पंजीयन होना अनिवार्य है।
  • योजना का लाभ केवल एक ही बार प्राप्त होगा।
  • छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होना चाहिए।
  • बचत बैंक खाता होना चाहिए।
  • इस प्रकार की अन्य योजनाओं का लाभ उठा चुके लोगों के लिए यह योजना नहीं है।

योजना हेतु आवेदन प्रक्रिया :-

सब्सिड़ी योजना के लिए फॉर्म नजदीकी श्रम विभाग कार्यालय में मिल जायेगा आवेदन फॉर्म को सही सही भरके स्वयं के हस्ताक्षर के साथ मांगे गए सभी जरुरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ जमा करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों की सूची
  • असंगठित कर्मकार राज्य सामजिक सुरक्षा मंडल का पंजीयन क्रमांक।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • आधार कार्ड होना चाहिए।
  • बैंक खाते की फोटोकॉपी।
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note-

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