Saturday, April 18, 2020

मुख्यमंत्री विश्वकर्मा निर्माण श्रमिक असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना छत्तीसगढ़ 2020

मुख्यमंत्री विश्वकर्मा निर्माण श्रमिक असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना छत्तीसगढ़ 2020


देश में अक्सर किसी कार्य करने के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होती है. खासकर कारखाने या कंस्ट्रक्शन के कार्य में. लेकिन अधिकतर श्रमिक अपने कार्य के दौरान ही किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. जिसके कारण कुछ की मृत्यु हो जाती है, तो कुछ जिंदगीभर के लिए विकलांग हो जाते है. ऐसे लोगों की सहायता करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 2 योजनाओं की शुरुआत करने का फैसला लिया है.

मुख्यमंत्री विश्वकर्मा निर्माण श्रमिक असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना छत्तीसगढ़ 2020

 

छत्तीसगढ़ सरकारी योजनाएँ 2020


जिनके नाम ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना’ एवं ‘मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना’ होगा. इसमें निर्माण कार्य करने वाले एवं असंगठित श्रमिकों को कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर मुआवजा प्रदान किया जायेगा. इस योजना के बारे में आप विस्तार से हमारे इस लेख में पढ़ सकते हैं.

योजना का पूरा नाम
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना

राज्य - छत्तीसगढ़

लांच की तारीख - साल 2020 में

घोषणा की तारीख - जनवरी, 2020

घोषणा की गई - छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा

योजना के लाभार्थी - राज्य के निर्माण (कंस्ट्रक्शन) कार्य करने वाले श्रमिक

संबंधित विभाग- श्रमिक कल्याण विभाग

श्रमिक सहायता योजना की विशेषताएं 

श्रमिकों को सहायता :- इस योजना को शुरू कर श्रमिकों की मदद की जा रही है. ताकि कार्य के दौरान यदि उनकी मृत्यु हो जाती है या वे विकलांग हो जाते हैं तो उसके बाद उनके परिवार वालों को आर्थिक सहायता मिल सके. 
वित्तीय सहायता :- इस योजना में ऐसे श्रमिक जिनकी कार्य के दौरान मृत्यु हो जाती है, उनके परिवार वालों को 1 लाख रूपये, और जो श्रमिक कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर हमेशा के लिए विकलांग हो जाते हैं उन्हें 50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
कुल लाभार्थी :- इस योजना में छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 36 लाख श्रमिक लाभ लेने के लिए सक्षम होंगे.
ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का क्रियान्वयन :- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी जनवरी – फरवरी में पंचायत निकायों के चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इन क्षेत्रों के श्रमिकों को इस योजना का लाभ आचार संहिता की समाप्ति के बाद प्राप्त होगा.

श्रमिक सहायता योजना में पात्रता मापदंड


छत्तीसगढ़ का श्रमिक :- ऐसे श्रमिक जोकि छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के अंदर कार्यरत हैं और यही के निवासी हैं. उनकी इस योजना में मदद की जाएगी.
निर्माण श्रमिक :- इस योजना में ऐसे निर्माण (कंस्ट्रक्शन) क्षेत्र के श्रमिक जोकि श्रम विभाग के अधीन आने वाले छत्तीसगढ़ भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें सहायता प्रदान की जाएगी.
असंगठित श्रमिक :– ऐसे श्रमिक जिनका नाम श्रम विभाग के अधीन आने वाले छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के तहत पंजीकृत है उन्हें भी इसमें सहायता प्रदान की जाएगी.

आयु सीमा :- इस योजना में ऐसे निर्माण कार्य करने वाले श्रमिक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष है उन्हें लाभ प्रदान किया जायेगा.
शराब पीने वाले पात्र नहीं :- इस योजना में ऐसे श्रमिक जो कार्य के दौरान शराब पीते हुए दुर्घटनाग्रस्त या उनकी मृत्यु हो जाती हैं, तो उन्हें इस योजना की सहायता प्राप्त नहीं होगी.
मारपीट या आत्महत्या करने वाले पात्र नहीं :- ऐसे श्रमिक जिनकी कार्य के दौरान मारपीट करते हुए मृत्यु हो जाती है या वे विकलांग हो जाते हैं या यदि वे किसी कारण से आत्महत्या कर लेते हैं, तो उन्हें भी इस योजना में सहायता प्रदान नहीं की जाएगी 

श्रमिक सहायता योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज 

आवासीय प्रमाण पत्र :- इस योजना का हिस्सा बनने के लिए श्रमिक के पास उनका आवसीय प्रमाण पत्र होना आवश्यक है, जोकि यह साबित करें कि वह छत्तीसगढ़ का रहने वाला है.
श्रमिक कार्ड :- ऐसे श्रमिक जिनके पास उनका श्रमिक होने का प्रमाण यानि श्रमिक कार्ड हैं, उन्हें इस योजना में आवेदन करते समय इसका उपयोग करना पड़ सकता है.
आयु प्रमाण पत्र :- इस योजना में आवेदन करने वाले लाभार्थी श्रमिकों को आवेदन के दौरान अपना आयु प्रमाण पत्र भी दिखाना पड़ सकता है, इसलिए इसे भी वे अपने साथ अवश्य रखें.

श्रमिक सहायता योजना के लिए आवेदन कैसे करें ? (How to Apply for Shramik Sahayta Yojana ?)

इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के माध्यम से दिया जाना है. अतः इस योजना की केवल अभी घोषणा की गई है. अब इस योजना का लाभ कब से और किस तरह से प्राप्त होगा, यह जानकारी आने वाले कुछ समय में घोषित कर दी जायेगी. तब हम आपको इस लेख के माध्यम से अपडेट कर देंगे.
अतः राज्य के ऐसे श्रमिकों को कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर या उनकी मृत्यु हो जाने पर उनके परिवार वालों को सहायता प्राप्त हो सकें, इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस तरह की पहल शुरू करने फैसला लिया है.