Apr 27, 2020

बोधघाट परियोजना | Bodhghat pariyojna cg

बोधघाट परियोजना की पूरी जानकारी 

छत्तीसगढ़ में सिंचाई के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने बोधघाट परियोजना सहित कई अन्य सिंचाई योजनाओं के सर्वेक्षण और विस्तृत कार्य योजना को मंजूरी दी है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की एक समीक्षा बैठक ली। बोधघाट सहित जिन अन्य योजनाओं को लिए मंजूरी दी गई है उनमें पैरी महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर बांध, डांडपानी बांध परियोजना, खारंग अहिरन लिंक परियोजना, छपरा टोला फीडर जलाशय तथा रेहर अटेम लिंक परियोजना शामिल है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की. उन्होंने राज्य की सिंचाई क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य प्रस्तावित बोधघाट परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं उनकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की सहमति दी, जिसमें 21000 करोड़ की लागत वाली बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना सहित पैरी-महानदी इंटरलिंकिंग परियोजना, शेखरपुर बांध, डांडपानी बांध परियोजना, खारंग अहिरन लिंक-परियोजना, छपरा टोला फीडर जलाशय तथा रेहर अटेम लिंक परियोजना शामिल है।
बोधघाट परियोजना | Bodhghat pariyojna cg

बैठक में मुख्यमंत्री बघेल ने बोधघाट परियोजना के सर्वेक्षण एवं अन्य कार्यों के बारे में विभागीय अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली. बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव सचिव श्री अविनाश चंपावत ने बताया कि बोधघाट परियोजना का डीपीआर तैयार किए जाने की कार्यवाही की जा रही है. जल संसाधन विभाग द्वारा इस परियोजना के टेक्नो फाइनेंशियल प्रपोजल को सहमति हेतु वित्त विभाग को भेजा गया है. इस परियोजना का डीपीआर 8 माह के भीतर तैयार कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित है. यह दंतेवाड़ा जिले के विकासखंड गीदम के ग्राम बारसूर से लगभग 8 किलोमीटर और जगदलपुर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर की दूरी पर है. इस परियोजना की कुल लागत 21 हजार करोड़ रुपए है. इससे 2 लाख 66 हजार 580 हेक्टेयर में सिंचाई तथा 500 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जाना प्रस्तावित है. योजना से बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले लाभान्वित होंगे. सचिव श्री चंपावत ने बताया कि इस परियोजना का प्रारंभिक साध्यता प्रतिवेदन केंद्रीय जल आयोग को सैद्धांतिक सहमति हेतु प्रस्तुत किया जा चुका है, जिस पर आगामी माह तक सहमति प्राप्त होना संभावित है।