Tuesday, June 28, 2022

छत्तीसगढ़ सामान्य परिचय | chhattisgarh general knowledge

छत्तीसगढ़ सामान्य परिचय | सांस्कृतिक | ऐतिहासिक | आर्थिक | प्राकृतिक 

राज्य सांस्कृतिक विविधता , ऐतिहासिक विरासत और आकर्षक प्राकृतिक विविधता से परिपूर्ण है। देश के सबसे बड़े झरने से लेकर गुफाओं, हरे भरे जंगलों, ऐतिहासिक स्मारकों, दुर्लभ वन्य जीवन, आकर्षक मंदिरों, बौद्ध स्थलों और सुन्दर पहाड़ियों का घर। छत्तीसगढ़ प्रकृति पसंद लोगों का आकर्षण का केंद्र बन गया है जो अद्वितीय आदिवासी कला, शिल्प और परंपराओं का अनुभव करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ एक पर्यटक को सब कुछ अनुभव कराता है - कला और शिल्पकला, ऐतिहासिक विरासत,वास्तुकला ,पारम्परिक व्यंजन, मेले और त्योहार। छत्तीसगढ़ दो महान भारतीय महाकाव्यों, रामायण और महाभारत का हिस्सा बनने वाली कई कहानियों में शामिल है। छत्तीसगढ़ में देवी-देवताओं की प्राचीन और आधुनिक दोनों तरह के कई मंदिर हैं, जो वर्ष भर भक्तों, तीर्थयात्रियों और यात्रियों को आकर्षित करते हैं। चित्रकोट में प्रतिवर्ष चित्रकोट महोत्सव मनाया जाता है।
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पर्यटन :-

छत्तीसगढ़ देश का हृदय प्रदेश है एवं प्राकृतिक विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है। बस्तर अपनी अद्वितीय पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है. जगदलपुर के निकट कांगेर घटी क्षेत्र में, तीरथगढ़ जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा जलप्रपात है दूसरी ओर भारत के नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध देश का सबसे चित्रकूट जलप्रपात बस्तर जिले में जगदलपुर से ४० कि.मी. की दुरी पर स्थित है |
अन्य महत्वपूर्ण स्थलों में कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, केशकाल घाटी, कुटूमसर गुफाओं और कैलाश गुफाओं, आदि है जो पर्यटकों को आकर्षित करते है |

अर्थव्यवस्था :-

छत्तीसगढ़ की अर्तव्यवस्था मुख्यतः कृषि एवं उद्योग (उर्जा एवं इस्पात) आधारित है विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ का आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदला है |
छत्तीसगढ़ भारत के खनिज समृद्ध राज्यों में से एक है। यहाँ पर चूना- पत्थर, लौह अयस्क, तांबा, फ़ॉस्फेट, मैंगनीज़, बॉक्साइट, कोयला, एसबेस्टॅस और अभ्रक के उल्लेखनीय भंडार हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र भारत के बड़े इस्पात संयंत्रों में से एक है |

संस्कृति :-

छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध है छत्तीसगढ़ में विभिन्न लोकनृत्य जैसे पंथी, सुआ,राउत नाच आदि प्रचलित है साथ ही कई आदिवासी समूहों के बीच करमा,गौर ,सरहुल आदि लोकनृत्य प्रसिद्ध |
छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक,पुरातात्विक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है राज्य के प्रमुख स्थलों में भोरमदेव, सिरपुर , राजिम बारसूर , तीरथगढ़ एवं चित्रकूट जलप्रपात आदि है |

छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत के परिचायक कुलेश्वर मंदिर राजिम, शिव मंदिर चन्दखुरी, सिद्धेश्वर मंदिर पलारी, आनंद प्रभु कुटी विहार और स्वास्तिक बिहार सिरपुर, जगन्नाथ मंदिर खल्लारी, भोरमदेव मंदिर कवर्धा, बत्तीसा मंदिर बारसूर और महामाया मंदिर रतनपुर सहित पुरातत्वीय दृष्टि से महत्वपूर्ण 58 स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया गया हैं।

परिवहन :-

छत्तीसगढ़ में परिवहन हेतु सड़क, रेलमार्ग एवं वायुमार्ग की सुविधा उपलब्ध है |

सड़क मार्ग: छत्तीसगढ़ में सड़कों की कुल लंबाई 45,988 है जिसमे राष्ट्रीय राजमार्गों की लम्बाई (2,184 किमी), राज्य राजमार्ग (3611 किमी), जिला सड़कें (8031 किमी) और ग्रामीण सड़कों (27,566 किमी) शामिल है |

रेलवे: छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख शहरों रेल मार्ग के माध्यम से जुड़े हुए हैं बिलासपुर में देश का 16 वां रेलवे जोन स्थापित किया गया है यहाँ के प्रमुख शहर बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव आदि रेल मार्ग के द्वारा भारत के सभी प्रमुख शहरों के साथ जुड़े हुए हैं |

वायुमार्ग: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एअरपोर्ट से भारत के महत्वपूर्ण शहरों के लिए नियमित उड़ान सेवा उपलब्ध है |

छत्तीसगढ़ 135,194 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के साथ भारत का दसवां बड़ा राज्य है छत्तीसगढ़ राज्य की जनसंख्या लगभग 2.55 करोड़ है इस प्रकार जनसँख्या की दृष्टि से छत्तीसगढ़ देश का सोलहवां सबसे बड़ा राज्य है छत्तीसगढ़ के लोगों की मूल भाषा छत्तीसगढ़ी है. वर्तमान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश राज्य से अलग होकर 01 नवंबर में 2000 को अस्तित्व में आया |

छत्तीसगढ़, विद्युत् तथा स्टील के उतपादन की दृष्टि भारत का महत्वपूर्ण केंद्र है भारत में उत्पादित कुल इस्पात का लगभग 15% छत्तीसगढ़ में होता है : छत्तीसगढ़ राज्य की सीमायें सात राज्यों अर्थात मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, झारखंड और उत्तर प्रदेश से छूती है |

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर है जो कि मुख्यतः व्यापार, अर्थव्यवस्था, और प्रशासन का केंद्र है. छत्तीसगढ़ी राज्य में मूल रूप से प्रचलित है किन्तु प्रमुख रूप से हिन्दी ही प्रयोग होती है छत्तीसगढ़ धान का कटोरा (चावल का कटोरा अर्थ) के नाम से भी प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ राज्य की सीमायें उत्तर पश्चिम में मध्यप्रदेश, पश्चिम में महाराष्ट्र, दक्षिण में आंध्र प्रदेश, पूर्व में उड़ीसा, उत्तर पूर्व में झारखण्ड और उत्तर में उत्तर प्रदेश को छूती है |


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